चौबीसा समाज

Choubisa Samaj

होम / हमारे बारे में
हमारे बारे में

चौबीसा समाज

चौबीस गौत्रों की गौरवशाली ब्राह्मण परम्परा
राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत

संपर्क करें Login करें
24
गौत्र • Gotras
5000+
सदस्य • Members
1200+
परिवार • Families
3
राज्य • States
समाज परिचय

कौन हैं हम —
चौबीसा समाज?

चौबीसा समाज राजस्थान के 24 गोत्रों की ब्राह्मण परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है। यह समाज सेवा, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक एकता के लिए समर्पित है।
चौबीसा समाज
ब्राह्मण समाज — राजस्थान
24
गौत्र
5000+
सदस्य
50+
नगर / ग्राम
3
राज्य
नाम की उत्पत्ति

"चौबीसा" नाम क्यों पड़ा?

इस एक अनूठे तथ्य ने इस समाज को दिया एक अलग और गर्वशाली नाम

24

चौबीस गौत्र

इस समाज में ठीक 24 गौत्र हैं। "चौबीस" संख्या ही इस समाज की विशिष्ट पहचान है — और इसी से "चौबीसा" नाम पड़ा।

गौत्र परम्परा

प्रत्येक गौत्र प्राचीन वैदिक ऋषियों की वंश परम्परा से जुड़ा है। गौत्र पितृ पक्ष से प्राप्त होता है।

गौत्र बहिर्विवाह

समान गौत्र में विवाह वर्जित है — भिन्न गौत्र में विवाह का यही नियम समाज की संरचना को मजबूत बनाता है।

जाति का इतिहास

चौबीसा ब्राह्मण जाति का इतिहास

पंच द्राविड़ों से उत्पन्न गुर्जर ब्राह्मण परम्परा — 24 गौत्रों की अनूठी पहचान

उत्पत्ति एवं परिचय
समाज में चौबीसा ब्राह्मण वर्ग की अपनी विशिष्ट पहचान है। इनकी उत्पत्ति पंच द्राविड़ों यथा कर्णाटका, तेलंगा, द्राविड़, महाराष्ट्र और गुर्जर से मानी जाती है। इन पंच द्राविड़ों में गुर्जर ब्राह्मण गुजरात प्रान्त में निवास करते थे जो विद्या में निष्णात होकर धर्म कर्म में निपुण जाति थी।
संगठन एवं स्थापना
बड़ी जाति चौबीस ऋषियों के अलग-अलग गौत्र धारण करने वाली चतुर्विंशति (चौबीसा) ब्राह्मणों की चांदोद और नांदोद नामक दो नगरों में सुसंगठित हुई, इसमें 24 गौत्र के ब्राह्मण सम्मिलित हुए।
प्रसार एवं विस्तार
ये चौबीसा ब्राह्मण कई वर्षों तक गुजरात प्रदेश में निवास करते रहे। चांदोद और नांदोद — ये दोनों नगर इन्हीं ब्राह्मणों के बसाये हुए हैं। कालोपरान्त चौबीसा ब्राह्मणों का एक गिरोह अलग होकर मेवाड़ में बस गया। मेवाड़ नरेश ने इनका सम्मान करके भट्ट हरपुर में बसाया।
वर्तमान स्थिति
गुजरात, मालवा और मेवाड़ — इन तीनों प्रांतों के चौबीसा ब्राह्मणों में अब भी एक पंक्ति में बैठकर भोजन करने का रिवाज जारी है। वर्तमान में मेवाड़ प्रांत में, विशेषकर नीमड़ी क्षेत्र में, इनकी सघन आबादी है।
  24 गौत्रों का श्लोक  

चतुर्विंशति गौत्राणां नामानि प्रवदाम्यहम्।
कृष्णत्रेयंच प्रथमं पाराशरः मत परम्।।
कात्यायनंच गार्गंच शांडिल्यं कुशिकं तथा।
कौशिकं वत्स वात्सचं भार्द्वाजंच गार्गकम्।।
उपमन्युश्च कौंडिन्यं गौतमं काश्यपं तथा।।
विश्वगुब्ध मुद्गलंच गौनसम् वर्धिसंङकम्।
अत्रि गौत्रं चिंतितं गैतराण्यों व विनिर्दिश्।।

चौबीसे ब्राह्मणों के चौबीस अवंटक (उपनाम)

विजयवत हाडा जोशी ओझा कोझा दवि पंड्या भट्ट पुरोहित बोहरा पाठकोट सोती राणावत व्यास वाणा रजावत गोटी सोटी दामड्या देसारी हींत्या उपाध्या तिवारी पाठक
"ईश्वर से विनय है कि हम जाति भाइयों को सुबुद्धि और विद्या प्रदान करे जिससे जाति भाई जागृत होकर संगठित रूप से अपनी हीनावस्था को सुधारें और निर्बलों के सहायक बनें।"
धार्मिक परम्परा

वैदिक परम्परा और आस्था

चौबीसा समाज की धार्मिक जड़ें — माँ गायत्री से वेद पाठ तक

माँ गायत्री

मुख्य उपास्य देवी

"ॐ भूर्भुवः स्वः
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात्।"

चौबीसा समाज माँ गायत्री को अपनी
कुल आराध्य मानती है।

धार्मिक परम्परा

वैदिक परम्परा
और आस्था

यज्ञ व हवन परम्परा
विवाह, जन्म, गृहप्रवेश और सभी संस्कारों में वैदिक विधि से यज्ञ व हवन का आयोजन।
कुलदेवी पूजन
प्रत्येक गौत्र की अपनी कुलदेवी होती है। मांगलिक अवसरों पर कुलदेवी का पूजन अनिवार्य।
आठ वचन की परम्परा
राजस्थानी ब्राह्मण परम्परा के अनुसार विवाह संस्कार में आठ वचन लिए जाते हैं।
वेद पाठ परम्परा
धार्मिक अनुष्ठानों में वैदिक मंत्रोच्चार और पारम्परिक विधि-विधान का पालन।
गौत्र परम्परा

चौबीस गौत्र — हमारी पहचान

ये 24 गौत्र प्राचीन वैदिक ऋषियों की वंश परम्परा से चले आए हैं और चौबीसा समाज की सामाजिक संरचना की आधारशिला हैं।

24
पवित्र गौत्र
Sacred Gotras • क्लिक करें
1
कृष्णत्रेय
🌟
2
पाराशर
📚
3
कात्यायन
📖
4
गर्ग
5
शांडिल्य
🔥
6
कुशक
🌿
7
कौशिक
🌈
8
वत्स
🌸
9
वात्स
💫
10
भारद्वाज
📗
11
गार्य
⚖️
12
उपमन्यु
🙏
13
कौंडिन्य
💎
14
गौतम
🔱
15
काश्यप
🌺
16
मांडव्य
📜
17
चन्द्रात्रे
🌙
18
भार्गव
⚔️
19
गालव
🦋
20
विष्णुवृद्ध
🌸
21
मृदगल
🎯
22
मौनस
🕯️
23
वार्धि
🌊
24
अत्रि

  किसी भी गौत्र कार्ड पर क्लिक करें — उस ऋषि की पूरी जानकारी देखें।

हमारा उद्देश्य

हम क्या करते हैं?

Our Mission & Objectives

विवाह जानकारी

गौत्र-जाँच सहित समाज के युवक-युवतियों के वैवाहिक प्रोफाइल इस पोर्टल पर उपलब्ध हैं।

शिक्षा प्रोत्साहन

विद्यार्थियों को सही दिशा व मार्गदर्शन। समाज की बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना।

सामाजिक जोड़ाव

समाज के सदस्यों को एक-दूसरे से जोड़ना एवं आपसी सहयोग की भावना को डिजिटल माध्यम से मजबूत करना।

संस्कृति संरक्षण

24 गोत्रों की परम्पराओं, त्योहारों व वैदिक रीति-रिवाजों की जानकारी एवं समाचार साझा करना।

परिवार डेटाबेस

समाज के सभी परिवारों की गौत्र सहित जानकारी एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफार्म पर।

सदस्य निर्देशिका

समाज के सदस्यों की पूर्ण जानकारी — नाम, गोत्र, पता, व्यवसाय — एक ही स्थान पर।

🙏

समाज से जुड़ें

अपने परिवार और गौत्र की जानकारी दर्ज करें।
एकजुट रहें — चौबीसा समाज मजबूत रहे।